
उत्तर : बालिका मैना ने सेनापति हे को तर्क दिया कि महल गिराने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा, क्योंकि दोषी तो नाना साहब हैं, न कि यह 'जड़ पदार्थ मकान'। उसने अपनी बेटी 'मेरी' की सहेली के रूप में अपना परिचय दिया और महल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत महत्व (बचपन की यादें) का हवाला देते हुए, अपने प्रेम-संबंधों की याद दिलाकर उसे महल की रक्षा के लिए प्रेरित किया। मैना के मुख्य तर्क: 1. निर्दोष मकान: मैना ने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठाने वाले दोषी हैं, लेकिन इस महल का कोई अपराध नहीं है, इसलिए इसे गिराना व्यर्थ है। 2. व्यक्तिगत जुड़ाव: उसने सेनापति हे को उनकी बेटी मेरी की सहेली के रूप में अपना परिचय दिया और कहा कि यह महल मेरी की यादों से जुड़ा है, जिसकी रक्षा करना उनका कर्तव्य है। 3. ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व: मैना ने महल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया और बताया कि यह पूर्वजों की धरोहर है, जिसे बचाना चाहिए। 4. कर्तव्य और सम्मान: उसने कर्तव्य, जिम्मेदारी, वीरता और इतिहास में नाम अमर करने की बात कहकर सेनापति हे को प्रेरित किया। 5. भावनात्मक अपील: मैना ने अपनी वाक्पटुता और भावुकता से सेनापति हे को सोचने पर मजबूर कर दिया और उन्हें महल न गिराने के लिए राजी कर लिया, जिससे उनकी वीरता का प्रदर्शन हो सके।
उत्तर : मैना अपने पैतृक मकान को इसलिए बचाना चाहती थी क्योंकि वह उसका बचपन, परिवार और यादों से जुड़ा था, जबकि अंग्रेज उसे इसलिए नष्ट करना चाहते थे क्योंकि वह नाना साहब (विद्रोही नेता) का महल था; अंग्रेज अपने दुश्मन की हर निशानी मिटाना चाहते थे और फिर से विद्रोह की आग भड़कने का डर था, और मैना ने तर्क दिया कि मकान निर्दोष है और अपराधी को सज़ा मिलनी चाहिए, न कि जड़ पदार्थ को |
उत्तर : सर टॉमस हे को मैना पर दया आने के मुख्य कारण थे कि मैना उनकी दिवंगत बेटी मेरी की बचपन की सहेली थी, वह मैना को अपनी बेटी के समान ही प्यार करते थे और मैना के मनमोहक रूप, करुण भाव और अपनी पुत्री से तुलना ने उनके हृदय में ममता जगा दी, जिससे उन्हें मैना के प्रति दया महसूस हुई.
उत्तर : मैना की अंतिम इच्छा थी कि वह अपने महल के ढेर पर बैठकर जी भरकर रो ले, लेकिन पाषाण हृदय वाले जनरल अउटरम ने यह इच्छा इसलिए पूरी नहीं होने दी क्योंकि उन्हें डर था कि अगर मैना को अकेला छोड़ा, तो वह कहीं भाग न जाए, जिससे ब्रिटिश सरकार और अंग्रेजी नागरिक नाराज़ होंगे और उनकी नौकरी पर खतरा आ सकता था; वे नाना साहब के रिश्तेदार के प्रति किसी भी सहानुभूति को भविष्य के खतरे के रूप में देखते थे.
उत्तर : मैना एक निडर, स्वाभिमानी, स्वदेश प्रेमी, स्पष्टवादी तथा भावुक बालिका है। इसके चरित्र की इन विशेषताओं को हम अपनाना चाहेंगे। इससे हमारा व्यक्तित्व निखरता है और हमें अपने देश के प्रति आत्म बलिदान की प्रेरणा मिलती है । हमें निडरता पूर्वक हर स्थिति का सामना कर सकते हैं।
उत्तर : इस वाक्य में 'भारत सरकार' से आशय ब्रिटिश शासन के अधीन कार्य करने वाली उस सरकार से है, जिसे अंग्रेज़ अधिकारी चलाते थे; यह उस समय की सत्ता थी जो नाना साहब जैसे विद्रोही नेताओं को पकड़ने में असफल रही, और 'टाइम्स' पत्र इस असफलता पर आश्चर्य व्यक्त कर रहा था