उत्तर : कलाकार समुद्र से सीपियाँ, रंग-बिरंगी कौड़ियाँ, सुंदर शंख और चित्र-विचित्र पत्थर बटोरता था।
प्रश्न - 2. आजीविका के लिए कलाकार क्या करता था?
उत्तर : वह समुद्र से लाई वस्तुओं से खिलौने और मालाएँ बनाकर नगर में बेचता था।
प्रश्न - 3. मंजरी कौन थी?
उत्तर : Ans:- मंजरी कलाकार के रिश्तेदार के मित्र की बेटी थी, जो छुट्टियाँ मनाने गाँव आई थी।
प्रश्न - 4. हर्ष कौन था?
उत्तर : हर्ष कलाकार का बेटा था।
लघूत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न - 1. लहरों को देखकर मंजरी को कैसा लगता था?
उत्तर : मंजरी को लहरों से डर लगता था, पर वह मन-ही-मन चाहती थी कि वह भी उन पर तैर सके।
प्रश्न - 2. कनक के साथ मंजरी का व्यवहार कैसा था?
उत्तर : मंजरी कनक से ईर्ष्या करती थी और उसे पसंद नहीं करती थी।
प्रश्न - 3. कलाकार ने खिलौना पक्षी किसके लिए बनाया था?
उत्तर : कलाकार ने खिलौना पक्षी मंजरी के लिए बनाया था।
प्रश्न - 4. कनक को ‘सुंदर लड़की’ क्यों माना गया?
उत्तर : क्योंकि कनक ने अपनी जान जोखिम में डालकर मंजरी की जान बचाई थी; उसका साहस, त्याग और प्रेम ही उसकी सच्ची सुंदरता थी।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न -
प्रश्न - 1. कनक के परिवार के विषय में आप क्या जानते हैं?
उत्तर : कनक बहुत गरीब परिवार से थी। उसके पिता एक दिन नाव लेकर समुद्र गए और लौटकर नहीं आए। उसकी माँ मछलियाँ पकड़कर किसी तरह अपने दो बच्चों का पालन-पोषण करती थी। कनक खुद शंखों की मालाएँ बनाकर बेचती थी।
प्रश्न - 2. ‘यह सब आनन-फानन में हो गया।’ आनन-फानन में क्या हो गया था?
उत्तर : मंजरी एक सुंदर शंख की ओर बढ़ी, तभी एक बड़ी लहर ने उसे गिरा दिया और वह बड़ी चट्टान की ओर बहने लगी। हर्ष उसे बचाने दौड़ा, पर एक और लहर ने उसे दूर कर दिया। उसी क्षण कनक कूद पड़ी और मंजरी को बचाकर छोटी चट्टान पर ले आई।
प्रश्न - 3. कनक के प्रति मंजरी के व्यवहार में अंतर किस कारण आया? विस्तार से बताइए।
उत्तर : पहले मंजरी कनक से ईर्ष्या करती थी और उसे कमजोर समझती थी। लेकिन जब कनक ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे समुद्र की लहरों से बचाया, तब मंजरी को कनक की महानता, साहस और त्याग का एहसास हुआ। इसी कारण मंजरी का व्यवहार बदल गया और उसने खिलौना पक्षी कनक को देकर उसे “सबसे सुंदर लड़की” कहा।