Solutions For Class 8 Hindi


St. John's Public School in Beliaghata, Kolkata, is a well-known educational institution that offers a blend of academic excellence and holistic development. call 9231828490.

Solutions For Class 8 Hindi 2025-26

Teacher Amrendra Singh Call @ 8967311377

अध्याय 18. रामचरितमानस (उत्तरकांड)

अति लघूत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न - 1. अधमाई से क्या तात्पर्य है तथा यह कहाँ प्रकट होती है?

उत्तर : अधमाई का तात्पर्य नीचता, दुष्टता और परपीड़ा देने की प्रवृत्ति से है। यह मनुष्य के आचरण में तब प्रकट होती है जब वह दूसरों को कष्ट पहुँचाकर सुख अनुभव करता है।

प्रश्न - 2. संतों को किस वस्तु की कामना होती है?

उत्तर : संतों को केवल भगवान के नाम और भक्ति की कामना होती है। वे सांसारिक सुखों और स्वार्थ से रहित होते हैं।

प्रश्न - 3. किसी की विपत्ति देखकर दुष्टों पर क्या प्रभाव होता है?

उत्तर : किसी की विपत्ति देखकर दुष्ट प्रसन्न होते हैं, मानो उन्हें बहुत बड़ा सुख या संपत्ति मिल गई हो।

लघूत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न - 1. संतों का स्वभाव कैसा होता है?

उत्तर : संतों का स्वभाव कोमल, दयालु, सरल, क्षमाशील और परोपकारी होता है। वे परदुख को अपना दुख और परसुख को अपना सुख मानते हैं तथा लोभ, क्रोध, अहंकार आदि से मुक्त रहते हैं।

प्रश्न - 2. असंत किन्हें कहते हैं?

उत्तर : जो काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार से युक्त हों, दूसरों का अहित करते हों, कपटी, निर्दयी और स्वार्थी हों—उन्हें असंत कहा जाता है।

प्रश्न - 3. तुलसी ने धर्म को किस रूप में माना है?

उत्तर : तुलसीदास ने धर्म को परोपकार के रूप में माना है। उनके अनुसार परहित से बढ़कर कोई धर्म नहीं है।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न -

प्रश्न - 1. दुष्टों में मुख्य रूप से कौन-से दोष पाए जाते हैं? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : तुलसीदास के अनुसार दुष्टों में अनेक दोष पाए जाते हैं। वे काम, क्रोध, लोभ और मद में लिप्त रहते हैं। वे झूठ बोलते हैं, कपट करते हैं, परद्रोह करते हैं और दूसरों की निंदा सुनकर प्रसन्न होते हैं। माता-पिता, गुरु और ब्राह्मणों का सम्मान नहीं करते तथा स्वार्थ के लिए किसी का भी अहित करने से नहीं चूकते। बाहर से मधुर वाणी बोलते हैं, परंतु हृदय में विष भरा होता है। संतों की संगति और हरिकथा उन्हें अच्छी नहीं लगती।

प्रश्न - 2. दुष्ट किन विषयों के प्रति अग्रसर रहते हैं तथा उनका चित्त किस प्रकार का होता है? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : दुष्ट विषय-भोग, धन, स्वार्थ और इंद्रिय-सुखों के प्रति अग्रसर रहते हैं। उनका चित्त अत्यंत मलिन, कठोर और ईर्ष्यापूर्ण होता है। वे दूसरों की उन्नति देखकर जलते हैं और किसी की विपत्ति में आनंद अनुभव करते हैं। उनका मन सदा लोभ, क्रोध और अहंकार से घिरा रहता है, जिससे वे न तो धर्म का पालन करते हैं और न ही परोपकार की भावना रखते हैं।

St. John’s Public School Beliaghata

Download अध्याय 9. प्रयाण गीत (कविता)

St. John’s Public School Beliaghata

St. John’s Public School Beliaghata

Download अध्याय 9. प्रयाण गीत (कविता)