Solutions For Class 8 Hindi


St. John's Public School in Beliaghata, Kolkata, is a well-known educational institution that offers a blend of academic excellence and holistic development. call 9231828490.

Solutions For Class 8 Hindi 2025-26

Teacher Amrendra Singh Call @ 8967311377

अध्याय 14. हमारी सभ्यता (कविता)

अति लघूत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न - 1. जब संसार के अन्य देश कुछ भी नहीं जानते थे, उस समय भारतवासी किस अवस्था को प्राप्त थे?

उत्तर : उस समय भारतवासी ज्ञान-विज्ञान की प्रौढ़ अवस्था को प्राप्त थे।

प्रश्न - 2. ‘शैशव दशा’ से क्या अभिप्राय है?

उत्तर : शैशव दशा से अभिप्राय है अज्ञान और प्रारंभिक विकास की अवस्था।

प्रश्न - 3. संसार को ज्ञान की शिक्षा सर्वप्रथम किसने दी थी?

उत्तर : संसार को ज्ञान की शिक्षा भारतवासियों (आर्यों) ने दी थी।

लघूत्तरीय प्रश्न-

प्रश्न - 1. हमने संसार को किस प्रकार की शिक्षा दान की?

उत्तर : हमने संसार को ज्ञान, आचार, व्यापार, व्यवहार और विज्ञान की शिक्षा दी।

प्रश्न - 2. हमें दूसरों के सुख-दुख को अपने जैसा अनुभव करने की प्रेरणा कब मिली?

उत्तर : जब हमें यह ज्ञान हुआ कि ईश्वर सभी में समान रूप से विद्यमान है, तब यह प्रेरणा मिली।

प्रश्न - यदि ये लोग संसार को ज्ञान न देते, तो आज संसार की क्या दशा होती?

उत्तर : यदि भारतवासी ज्ञान न देते, तो संसार अज्ञान और अंधकार में डूबा रहता और विज्ञान का विकास न हो पाता।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न -

प्रश्न - 1. कर्मफल के विषय में कवि ने क्या बताया है?

उत्तर : कवि के अनुसार भारतीय कर्म करते समय फल की इच्छा नहीं रखते थे। वे निस्वार्थ भाव से कर्म करते थे और आत्मा को अमर तथा शरीर को नश्वर मानते थे।

प्रश्न - 2. हमारे जीवन का आरंभ और अंत कैसे होता था?

उत्तर : हमारे जीवन का आरंभ संयम, नियम, बल और विद्या से होता था तथा अंत में हम सांसारिक बंधनों को तोड़कर मुक्ति पथ पर अग्रसर होते थे।

प्रश्न - 3. भारतीयों का जीवन और प्राणीमात्र के प्रति कैसा दृष्टिकोण था?

उत्तर : भारतीयों का दृष्टिकोण करुणा, प्रेम और समानता से भरा था। वे सभी प्राणियों में एक ही ईश्वरीय तत्त्व को देखते थे और दूसरों के दुख को अपना दुख मानते थे।

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Download अध्याय 9. प्रयाण गीत (कविता)

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