उत्तर : चंद्रशेखर आजाद भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।
प्रश्न - 2. चंद्रशेखर को काशी क्यों भेजा गया?
उत्तर : उन्हें संस्कृत पढ़ने के लिए काशी भेजा गया था।
प्रश्न - 3. जलियाँवाला बाग में किस अंग्रेज अधिकारी ने गोलियाँ चलवाईं?
उत्तर : जनरल डायर ने गोलियाँ चलवाईं।
प्रश्न - 4. जब चंद्रशेखर काशी में थे, तब किस ब्रिटिश युवराज का भारत आने का कार्यक्रम था?
उत्तर : ब्रिटिश युवराज एडवर्ड का भारत आने का कार्यक्रम था।
लघूत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न - 1. काकोरी स्टेशन के निकट क्रांतिकारियों ने सरकारी खजाना किस उद्देश्य से लूटा?
उत्तर : क्रांतिकारियों ने अपने संगठन के कार्यों के लिए धन की कमी दूर करने हेतु सरकारी खजाना लूटा।
प्रश्न - 2. पुलिस द्वारा मृत आजाद के शव को भी गोलियाँ मारने की घटना क्या सिद्ध करती है?
उत्तर : यह घटना सिद्ध करती है कि पुलिस आजाद के साहस और प्रभाव से अत्यंत भयभीत थी और यह सुनिश्चित करना चाहती थी कि वे सचमुच मर चुके हैं।
प्रश्न - 3. 'ब्रिटिश सरकार मुझे जीते जी नहीं पकड़ सकती', आजाद ने अपनी यह प्रतिज्ञा किस प्रकार निभाई?
उत्तर : जब गोलीबारी में उनकी गोलियाँ समाप्त होने लगीं, तब उन्होंने स्वयं पर अंतिम गोली चलाई और आत्मबलिदान कर दिया, जिससे वे जीवित हाथ न आए।
प्रश्न - 4. चंद्रशेखर आजाद के जीवन से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर : उनके जीवन से देशप्रेम, साहस, आत्मबलिदान, कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति और स्वतंत्रता के लिए अटूट संकल्प की प्रेरणा मिलती है।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न -
प्रश्न - 1. ऐसी दो घटनाओं का उल्लेख कीजिए जिनसे सिद्ध होता है कि आजाद में जितना अधिक साहस था, उससे कहीं अधिक उनमें कष्ट और पीड़ा सहने की शक्ति थी।
उत्तर : 1. बचपन में उन्होंने लाल रोशनी वाली दियासलाई की सभी तीलियों को एक साथ जलाया। हाथ जल गया, पर उन्होंने दर्द का कोई भाव नहीं दिखाया।
2. काशी में आंदोलन के दौरान जब उन्हें बेंत की सजा दी गई, तब हर बेंत पर वे "महात्मा गांधी की जय" बोलते रहे और बेहोश होने तक पीड़ा सहते रहे।
प्रश्न - 2. 'आजादी मनुष्य को ही नहीं, पशु-पक्षियों को भी प्रिय है।' उपयुक्त उदाहरणों द्वारा इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : कहानी में बताया गया है कि पिंजरे में बंद पक्षी स्वतंत्र होना चाहते हैं और रस्सी में बंधा पशु भी बंधन तोड़कर भागना चाहता है। मनुष्य इनसे अधिक बुद्धिमान और संवेदनशील होने के कारण स्वतंत्रता के लिए और भी अधिक लालायित रहता है। इसी कारण से मनुष्य और जीव-जंतु सभी परतंत्रता का विरोध करते हैं और आजादी को अपना स्वाभाविक अधिकार मानते हैं।
प्रश्न - 3. ‘म'मनुष्य की बलिष्ठता बाहरी इतनी नहीं, जितनी भीतरी होती है।' उपयुक्त उदाहरण देते हुए समझाइए।
उत्तर : बाहरी बल कम होने पर भी यदि मनुष्य के भीतर आत्मबल, साहस और दृढ़ संकल्प हो, तो वह असंभव कार्य भी कर सकता है। चंद्रशेखर आजाद शारीरिक रूप से बहुत बड़े नहीं थे, परंतु मानसिक दृढ़ता, देशभक्ति और आत्मबल के कारण उन्होंने अंग्रेजों का सामना किया, गोलियों की वर्षा में एक घंटे तक डटे रहे और अंत तक अपनी प्रतिज्ञा निभाई। इससे सिद्ध होता है कि भीतरी बल ही मनुष्य को वास्तविक रूप से शक्तिशाली बनाता है।